LIVEजंग का मैदान

रूस-यूक्रेन युद्ध: अब ड्रोन, ऊर्जा और डेटा की जंग

रूस-यूक्रेन युद्ध में जमीन पर बड़े बदलाव के बजाय ड्रोन, मिसाइल, ऊर्जा ढांचे और संचार नेटवर्क पर हमले तेज हो रहे हैं। बातचीत की बातें चल रही हैं, लेकिन शर्तों और हमलों के बीच भरोसे की खाई बनी हुई है।

Live coverage active — नई जानकारी आते ही अपडेट किया जाता है।

Latest Updates

6 प्रकाशित अपडेट्स
UPDATE

रूस के Azov रक्षा प्लांट पर हमले का यूक्रेनी दावा

यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने कहा कि 26 सितंबर की रात Rostov Oblast में Azov Optical-Mechanical Plant पर यूक्रेनी बलों ने हमला किया। Kyiv Independent के मुताबिक जनरल स्टाफ ने दावा किया कि प्लांट की फाउंड्री में आग लगी और पांच प्रोडक्शन बिल्डिंगों में उपकरणों को नुकसान पहुंचा; नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि तुरंत उपलब्ध नहीं थी। रिपोर्ट में कहा गया कि यह प्लांट रूस के Tactical Missiles Corporation का हिस्सा है और मिसाइल, एंटी-टैंक हथियारों व रडार होमिंग सिस्टम से जुड़े उपकरण बनाता है।

UPDATE

यूक्रेन का दावा: इल्स्की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन स्ट्राइक, आग लगी

यूक्रेन के जनरल स्टाफ के हवाले से Kyiv Independent ने बताया कि 26 सितंबर की रात यूक्रेनी बलों ने रूस के Krasnodar Krai में Ilsky तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया और वहां आग लगी। Ukraine’s Unmanned Systems Forces ने कहा कि यह हमला कई यूक्रेनी यूनिटों ने किया। Fire Point ने दावा किया कि FP-1 ड्रोन हमले के बाद रिफाइनरी का काम रुक गया और तीन प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिटों व टैंक फार्म को नुकसान हुआ; यह नुकसान स्वतंत्र रूप से तुरंत पुष्ट नहीं था। रूसी स्थानीय अधिकारियों ने Seversky जिले में ड्रोन हमले और हताहतों की बात कही, लेकिन सुविधा का नाम नहीं लिया।

UPDATE

कीव में लगातार दूसरे दिन जेट ड्रोन हमले, कम से कम 5 घायल

कीव इंडिपेंडेंट ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि 26 सितंबर को कीव पर रूसी ड्रोन हमलों में कम से कम 5 लोग घायल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी पर लगातार दूसरे दिन हमले हुए और रात-सुबह के दौरान पांच बार एयर रेड अलर्ट जारी हुए। मेयर विटाली क्लिचको के हवाले से चार जिलों में हमले बताए गए। इसी अपडेट में Darnytsia फार्मास्यूटिकल कंपनी के कारखाने पर भी हमले की जानकारी दी गई, हालांकि वहां हताहतों की सूचना नहीं थी।

UPDATE

यूक्रेन का दावा: रातभर आए 173 रूसी ड्रोन, 134 रोके गए

यूक्रेन की एयर फोर्स के हवाले से Ukrinform और Ukrainska Pravda ने बताया कि 25 सितंबर की शाम से 26 सितंबर सुबह तक रूस ने यूक्रेन पर 173 ड्रोन दागे। इनमें Shahed, Gerbera और डिकॉय Parodiya ड्रोन शामिल थे; यूक्रेनी पक्ष के मुताबिक इनमें 50 से ज्यादा जेट-पावर्ड ड्रोन थे। एयर फोर्स ने कहा कि 134 ड्रोन मार गिराए गए या इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर से दबा दिए गए। साथ ही 19 जगहों पर हिट और 8 जगहों पर मलबा गिरने की बात कही गई है।

UPDATE

कीव के डेटा सेंटरों पर हमलों से मीडिया सेवाएं प्रभावित

कीव इंडिपेंडेंट के मुताबिक, 26 सितंबर को कई यूक्रेनी मीडिया संस्थानों ने बताया कि कीव के डेटा सेंटरों पर रूसी हमलों के बाद उनकी सेवाएं प्रभावित हुईं। Novyny.Live ने अस्थायी रूप से प्रसारण रोकने की बात कही, Armiia TV ने भी संचालन रोकने की जानकारी दी। Suspilne ने कहा कि उसके वेबसाइट वीडियो प्लेयर काम नहीं कर रहे, क्योंकि उन्हें चलाने वाले Cosmonova के डेटा सेंटर को नुकसान हुआ। रिपोर्ट में यूक्रेन के डिजिटल मंत्रालय के हवाले से पहले करीब 1 लाख घरों में इंटरनेट बाधित होने की बात भी है।

UPDATE

Perm और Novoshakhtinsk रिफाइनरियों पर हमले की पुष्टि का यूक्रेनी दावा

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने 25 सितंबर को कहा कि यूक्रेनी हमलों में रूस की Perm और Novoshakhtinsk तेल रिफाइनरियां निशाना बनीं। LB.ua ने जनरल स्टाफ के हवाले से कहा कि Perm में Lukoil-Permnefteorgsintez पर आग लगी और Novoshakhtinsk रिफाइनरी पर भी हिट दर्ज हुई। ISW के मुताबिक Rostov के गवर्नर Yuri Slyusar ने Novoshakhtinsk रिफाइनरी के अस्थायी रूप से रुकने की बात मानी। यूक्रेनी पक्ष ने Novoshakhtinsk के पास दो रूसी रडार स्टेशनों पर भी हमले का दावा किया।

ORIGINAL ARTICLE

मूल खबर

Live Updates के पीछे की पूरी खबर और ज़रूरी संदर्भ।

रूस-यूक्रेन युद्ध: अब ड्रोन, ऊर्जा और डेटा की जंग

रूस-यूक्रेन युद्ध सितंबर 2026 में एक ऐसे दौर में पहुंच गया है, जहां लड़ाई सिर्फ मोर्चे पर कब्जे की नहीं रही। दोनों पक्ष लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से एक-दूसरे की ऊर्जा, तेल, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था को निशाना बना रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि शांति वार्ता की चर्चाओं के साथ-साथ हमले भी तेज हैं।

हाल के दिनों में यूक्रेन ने रूस के भीतर बड़े ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी बलों ने एक रात में 1,000 से ज्यादा ड्रोन दागे। मॉस्को के मेयर ने राजधानी पर हुए हमले को अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया। मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत और मॉस्को ऑयल रिफाइनरी को नुकसान की बात अधिकारियों ने कही। इन दावों के अलग-अलग हिस्सों की पुष्टि का स्तर एक जैसा नहीं है, इसलिए सैन्य पक्षों के बयानों को सावधानी से देखना जरूरी है।

यूक्रेन का कहना है कि रूस की युद्ध क्षमता और कमाई पर दबाव बनाने के लिए उसकी रिफाइनरियों, सैन्य उद्योग और सप्लाई नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यह भी कहा है कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है, तो कीव रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोक सकता है। यह एकतरफा पेशकश है, कोई लागू हो चुका युद्धविराम नहीं।

रूस की तरफ से हमलों का दायरा भी बदला है। सितंबर के मध्य से यूक्रेन के इंटरनेट नेटवर्क और डेटा सेंटरों पर हमले बढ़ने की जानकारी सामने आई है। रूसी रक्षा मंत्रालय ऐसे ठिकानों को खुफिया जानकारी और सैन्य संचार से जोड़कर कार्रवाई को सही ठहराता है। लेकिन हमले का घोषित निशाना सैन्य हो, इससे नागरिक नुकसान का सवाल खत्म नहीं होता।

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार निगरानी टीम के आंकड़े बताते हैं कि 2026 में यूक्रेन में आम लोगों पर युद्ध का असर तेजी से बढ़ा है। साल की पहली छमाही में कम से कम 1,396 नागरिक मारे गए और 7,978 घायल हुए। यह पिछले साल की इसी अवधि से 37 फीसदी ज्यादा है। अगस्त में भी कम से कम 372 लोगों की मौत और 2,349 लोगों के घायल होने की जानकारी दर्ज की गई। ये सत्यापित न्यूनतम आंकड़े हैं; वास्तविक संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।

इस बढ़ते नुकसान का एक कारण यह है कि हमले अब सिर्फ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं हैं। कीव जैसे बड़े शहरों में मिसाइल और ड्रोन हमलों से अस्पतालों और दूसरी नागरिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, मोर्चे के करीब छोटे ड्रोन रोजमर्रा की आवाजाही को भी खतरनाक बना रहे हैं। आने वाली सर्दियों में ऊर्जा ढांचे पर हमले और बिजली, गर्मी तथा पानी की सप्लाई पर दबाव बड़ा मानवीय संकट बन सकता है।

जमीन पर रूस ने सूमी क्षेत्र और दूसरे इलाकों में बढ़त के दावे किए हैं। हालांकि स्वतंत्र भू-स्थानिक जांच में इन दावों के मुकाबले काफी सीमित बढ़त दिखाई गई है। इसलिए रूस या यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों के दावों को स्वतंत्र पुष्टि के बिना अंतिम सैन्य सच मानना ठीक नहीं होगा। फिलहाल तस्वीर यह है कि रूस के 2026 के बड़े अभियानों ने अपने घोषित लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किए हैं, जबकि लड़ाई लगातार महंगी और लंबी हो रही है।

कूटनीति के मोर्चे पर भी स्थिति दोहरी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन पर समझौते के सभी प्रस्ताव मेज पर हैं, लेकिन रूस को अपने हितों का आकलन करना होगा। इसके कुछ दिन पहले क्रेमलिन ने कहा था कि शांतिपूर्ण बातचीत की दिशा में बढ़ने के लिए अभी जरूरी आधार मौजूद नहीं हैं। यानी मॉस्को बातचीत के लिए खुले होने का संकेत दे रहा है, लेकिन किसी ठोस वार्ता या युद्धविराम की शुरुआत नहीं हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की की न्यूयॉर्क में मुलाकात के बाद भी कोई पक्का समझौता सामने नहीं आया। ट्रंप ने समझौते की संभावना जताई, जबकि जेलेंस्की ने पुतिन से मिलने की तैयारी बताई और यह संकेत दिया कि मॉस्को अभी युद्ध खत्म करने के लिए तैयार नहीं दिखता। कूटनीतिक संपर्क जारी हैं, लेकिन रूस के युद्ध लक्ष्य और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता की मांग के बीच दूरी बनी हुई है।

यूक्रेन के लिए हवाई सुरक्षा सबसे बड़ी जरूरतों में है। जेलेंस्की ने दावा किया है कि अमेरिका ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन के लिए लाइसेंस देने का फैसला किया है। हालांकि इस फैसले के लागू होने, उत्पादन शुरू होने या मिसाइलों की आपूर्ति की स्वतंत्र अमेरिकी पुष्टि अभी जरूरी है। इसलिए इसे तत्काल सैन्य बदलाव की तरह पेश करना जल्दबाजी होगी।

युद्ध का असर यूक्रेन और रूस से बाहर भी दिखाई दे रहा है। ड्रोन और संदिग्ध हवाई घटनाओं के बाद नाटो और यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ी है। लिथुआनिया में एक ड्रोन को नाटो विमानों ने मार गिराया, लेकिन उसके स्रोत की जांच जारी थी। नाटो सीधे रूस से युद्ध में उतरने के बजाय यूक्रेन को समर्थन और अपनी सीमाओं पर रोकथाम मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

यूरोपीय संघ ने यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने से जुड़े 3,000 से ज्यादा व्यक्तियों और संस्थाओं पर लगे प्रतिबंध सितंबर 2029 तक बढ़ा दिए हैं। इससे साफ है कि यूरोप रूस पर दबाव बनाए रखने की नीति से पीछे नहीं हट रहा। दूसरी ओर, रूस में हुए संसदीय चुनाव ने क्रेमलिन का घरेलू नियंत्रण दिखाया, लेकिन उस चुनाव में वास्तविक विपक्ष की गुंजाइश बेहद सीमित रही और कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में मतदान को कीव तथा कई देशों ने अवैध बताया।

इस युद्ध का असर खाद्य सुरक्षा पर भी पड़ता है। रूस और यूक्रेन दुनिया के गेहूं और मक्का निर्यात में बड़ा हिस्सा रखते हैं। काला सागर के रास्तों, बंदरगाहों या अनाज आपूर्ति पर किसी भी नए हमले से आयात पर निर्भर देशों में कीमतों और उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। दक्षिण एशिया के लिए यह पहलू सैन्य घटनाओं जितना ही महत्वपूर्ण है।

फिलहाल युद्ध का सबसे साफ निष्कर्ष यह है कि मोर्चे पर निर्णायक बदलाव न होने के बावजूद संघर्ष का दायरा फैल रहा है। ड्रोन, ऊर्जा, डेटा सेंटर, बंदरगाह और सीमावर्ती हवाई क्षेत्र अब युद्ध के नए मोर्चे हैं। आगे सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही रहेगा कि क्या बातचीत हमलों से अलग कोई वास्तविक रास्ता खोलती है, या दोनों पक्ष सर्दियों से पहले अपनी मारक क्षमता और दबाव बढ़ाते रहेंगे।